DAVP डीएबीपी क्या है,5 महत्वपूर्ण कार्य ,फोटो विभाग

 DAVP डीएवीपी  विज्ञापन एवं दृश्य  श्रव्य  प्रचार निदेशालय


 1 अक्टूबर,  1955 से यह विभाग सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़ा हुआ है I इसे पहले अंग्रेजी में संक्षिप्त रूप से डी.ए.वी.पी. नाम से जाना जाता था अभी से विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय कहा जाता हैI 

यह निदेशालय वह माध्यम  केंद्रीय एजेंसी हैI  यह लोगों को सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की पूर्ण जानकारी देता हुआ उन्हें इन कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए प्रेरित करता हैI  यदि यह निदेशालय समाचार पत्रों में विज्ञापनों ,प्रदर्शनी , पुस्तिकाओं,   फोल्डर, पोस्टर , होल्डिंग, रेडियो और टेलीविजन ओके विज्ञापनों, अति लघु फिल्म, बसों के पैनलों, सड़कों की होल्डिंग्स आदि के जरिए अपना काम करते हैंI इस निदेशालय के देशभर में कार्यालय कार्यरत हैI


 महत्वपूर्ण कार्य

 

1. मुद्रित प्रचार-मुद्रित प्रचार सामग्री के तहत पुस्तिकाएँ, फोल्डर, पोस्टर तथा मुख

 हस्तियों के भाषण आदि छापे जाते हैं। नई खाद्य सुरक्षा प्रणाली, भारत छोड़ो आन्दोलन

 उर्वरक मूल्य नीति, नई आयात त-निर्यात नीति, फिल्म समारोह, पर्यावरण संरक्षण,

मस्जिद जैसे विषय लिये जाते हैं।


2. प्रेस विज्ञापन-निदेशालय के प्रेस विज्ञापन के माध्यम से समाचार-पत्रों और

पत्रिकाओं के लिए विज्ञापन जारी किए जाते हैं। ये विज्ञापन आयकर, स्वास्थ्य और परिवार

• कल्याण, एड्स रोग प्रतिरक्षक टीके मद्य-निषेध, राष्ट्रीय एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव,

और वस्त्र उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होते हैं। यही नहीं, यह विभाग विश्व 

जनसंख्या दिवस, राष्ट्रीय बाल जीवन आदि पर विशेष परिशिष्ट भी निकालता है।


3. श्रव्य-दृश्य प्रचार-निदेशालय इस विभाग द्वारा रेडियो स्पॉट, जिंगल्स और प्रायोजित

कार्यक्रम वीडियो स्पॉट्स, अतिलघु फिल्में, वृत्तचित्र आदि तैयार करता है। स्वास्थ्य और परिवार

कल्याण के बारे में विभिन्न कड़ियों वाली अतिलघु फिल्में (संवरती राहें, हमारा सपना) इसी

एकांश द्वारा तैयार की गई हैं। रेडियो पर प्रायोजित कार्यक्रमों में महिला और बाल विकास

पर ' नया सवेरा' और ' आओ हाथ बढ़ायें' उपभोक्ता अधिकारों पर ' अपने अधिकार तथा स्वास्थ्य

और परिवार कल्याण पर' ' साक्षरता कार्यक्रम आदि निर्मित किये गये।


4. बाह्य प्रचार-निदेशालय के बाह्य प्रचार विभाग द्वारा होर्डिंग, बस पैनलों, किओस्कों,

सिनेमा स्लाइडों, वाल पेंटिंग्स, कपड़े के बैनरों तथा अन्य तरीकों से प्रचार किया जाता है।

इसके अन्तर्गत नशीले पदार्थ और शराब के नुकसान, लड़कियों को शिक्षा, राष्ट्रीय एकता और

साम्प्रदायिक सद्भाव, साक्षरता, ऊर्जा संरक्षण, स्वास्थ्य आदि परिवार कल्याण, सेना और नो

सेना में भर्ती, भारत का अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह आदि महत्वपूर्ण विषय लिये जाते हैं।

DAVP
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5. प्रदर्शनी – विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय अपने प्रदर्शनी वाहनों के जरिये सरकार

के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों का प्रचार करता है। जैसे आज का भारत, बालिका

शिशु (गर्ल चाइल्ड), भारत छोड़ो आन्दोलन (क्विट इण्डिया मूवमेंट), बेहतर भविष्य की ओर,

विश्व जनसंख्या, भारत प्रगति के पथ पर आदि। उदाहरणार्थ 1992-93 में' गंगा ',' एक राष्ट्र

और एक प्राण ' और' बेहतर भविष्य की ओर ' प्रदर्शनियाँ हरिद्वार में अर्द्ध-कुम्भ मेले तथा उज्जैन

के सिंहस्थ मेले पर आयोजित की गई। सन् 1997 में 15 अगस्त तथा उसके आस-पास' भारत

स्वतन्त्र के 50 वर्ष ' शीर्षक प्रदर्शनियाँ जगह-जगह लगाई गई इसमें पिछले 50 वर्षों में हुए

विकास को लगभग 600 फोटोग्राफ, मॉडलों, पैनलों अन्य दृश्य माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

इस प्रकार यह निदेशालय देश के नये आर्थिक कदमों (नयी औद्योगिक नीति, नयी व्यापार

नीति, नयी आयात-निर्यात नीति, केन्द्रीय बजट, नेहरू रोजगार योजना, नई उर्वरक नीति) और

ग्रामीण विकासों (एगमार्क, पोषाहार, सप्ताह, विश्व खाद्य दिवस, उर्वरक मूल्य नीति और

किसान) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (परिवार नियोजन, रोग प्रतिरोधक टीके, विवाह की

सही उम्र, छोटा परिवार, पुरुष नसबन्दी), मेले (अर्द्ध-कुम्भ मेला), फिल्म समारोह (अन्तर्राष्ट्रीय

फिल्म समारोह) आदि विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रचार-प्रसार करती है। यह

निदेशालय अर्थव्यवस्था के विविध पक्षों की जानकारी देने वाली पाक्षिक पत्रिका' इंडिया अपडेट '

भी प्रकाशित करता है।


फोटो विभाग

यह विभाग केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र-सूचना कार्यालय के अधीन

कार्य करता है। यह विभाग भारत सरकार की ओर से देश तथा विदेश में सरकार के विकास

कार्यों और मंत्रियों आदि के कवरेज के श्वेत-श्याम और रंगीन दोनों प्रकार के चित्र तैयार

इस विभाग द्वारा तैयार किये गये फोटो आम लोगों और गैर-प्रचार संगठनों को

करने पर उपलब्ध कराये जाते हैं।

महत्वपूर्ण कार्य

1. यह विभाग पत्र सूचना कार्यालय के माध्यम से देश भर में समाचार पत्रों को फोटो

• उपलब्ध कराता है। विदेशों में भारतीय दूतावासों को ये फोटो विदेश मंत्रालय के विदेश प्रचार

विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं।


2. यह विभाग अतिविशिष्ट मेहमानों और भारत यात्रा पर आये राष्ट्राध्यक्षों, शासनाध्यक्षो

समय-समय पर मंत्रिपरिषद् में शामिल किये गये मंत्रियों तथा महत्वपूर्ण व्यक्तियों के छायाचित्र

को बनाकर जारी करता है।


3. फोटो विभाग शौकिया फोटोग्राफरों के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता तथा प्रदर्शनी का भी

आयोजन करता है। ये प्रतियोगिताएँ सादे व रंगीन दोनों तरह के छायाचित्रों पर आयोजित की

जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं का शीर्षक हर साल बदलता रहता है। उदाहरणार्थ, सन् 1997

में अखिल भारतीय फोटो प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसका विषय था ' आजाद भारत के

पचास वर्ष आज'।


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